मन की असीम और अजिंक्य आंतरिकता: The Infinite and Invincible Interiority of The Human Mind!
अपनी परंपराओं के माध्यम से हम कुछ विशिष्ट संभावनाओं को अपना लेते हैं। सामान्यतः आपका स्वभाव, आपका सामर्थ्य, आपकी प्रवृत्तियाँ और गुणविशेष — यह सब […]
अपनी परंपराओं के माध्यम से हम कुछ विशिष्ट संभावनाओं को अपना लेते हैं। सामान्यतः आपका स्वभाव, आपका सामर्थ्य, आपकी प्रवृत्तियाँ और गुणविशेष — यह सब […]
अक्सर मानसिक बीमारियाँ किसी छलावे की तरह कुछ लोगों के जीवन में रोल प्ले करती हैं। वे बीमारियाँ होती तो हैं, लेकिन ‘वे न होने […]
‘चंचलं हि मनः कृष्ण प्रमाथि बलवद्दृढम्।तस्याहं निग्रहं मन्ये वायोरिव सुदुष्करम्।।’ -अर्जुन उवाच. अर्थ: हे कृष्ण, मन अत्यंत चंचल, स्वच्छंद, उद्दंड और अत्यंत बलवान है। इसे वश […]
1. सिंहगढ़ की गूँज जिसकी तलवार की धार से दुश्मन घबराए,जिसकी चाल से मुग़ल भी कांपे और घबराए।वो कोई और नहीं, शिवबा थे हमारे,मराठा स्वराज्य […]
“ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः”अर्थ: वासुदेवनन्दन परमात्मा स्वरूपी भगवान श्रीकृष्णको वंदन है, उन गोविंदको पुनः पुनः नमन है, वे हमारे […]
एक बार एक वीर राजा अपने सहचरों के साथ शिकार खेलने जंगल में गया था। वहाँ शिकार के चक्कर में, सभी एक दूसरे से बिछड़ […]
1 याद कर लेना मुझे तुम,कोई भी जब पास ना हो, चले आएंगे एक आवाज में, भले हम खास ना हो। 2 तेरी मोहब्बत ने हमें […]
1 राहों में कांटे बिछाए तो क्या,मंजिल तक पहुँचने का जज़्बा कम न होगा।ख्वाबों की उड़ानें कभी थमती नहीं,हौंसलों का आसमां किसी से कम न […]
एक बार की बात है, किसी जंगल में एक कौआ रहता था, वो बहुत ही खुश था, क्योंकि उसकी बहुत ज्यादा इच्छाएं नहीं थीं। वह […]
वट सावित्री व्रत कथा प्रसिद्ध तत्त्वज्ञानी अश्वपति भद्र देश के राजा थे। उनको संतान का सुख नहीं प्राप्त था। इसके लिए उन्होंने 18 वर्ष तक […]
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