मानवीय मन: अंतर्मन और बाह्यमन | The Human Mind

August 22, 2026 Admin 0

‘चंचलं हि मनः कृष्ण प्रमाथि बलवद्दृढम्।तस्याहं निग्रहं मन्ये वायोरिव सुदुष्करम्।।’ -अर्जुन उवाच. अर्थ: हे कृष्ण, मन अत्यंत चंचल, स्वच्छंद, उद्दंड और अत्यंत बलवान है। इसे वश […]